🚰 राजस्थान का भूगोल – प्रमुख सिंचाई परियोजनाएँ
🔹 1. राजस्थान में सिंचाई की सामान्य स्थिति
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राजस्थान का अधिकांश भाग शुष्क/अर्ध-शुष्क है।
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औसत वर्षा: 57.5 सेमी।
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राजस्थान का केवल 35% भू-भाग ही सिंचाई के अंतर्गत है।
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मुख्य स्रोत:
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नहरें – 45%
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कुएँ व ट्यूबवेल – 40%
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तालाब/जलाशय – 10%
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अन्य स्रोत – 5%
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🔹 2. प्रमुख सिंचाई परियोजनाएँ – विस्तृत विवरण
(A) इंदिरा गांधी नहर परियोजना (IGNP)
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उपनाम: “राजस्थान की जीवन रेखा”।
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जल स्रोत: सतलुज नदी पर हरिके बैराज (पंजाब)।
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निर्माण: 1960 से।
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चरणवार:
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प्रथम चरण: गंगानगर, हनुमानगढ़।
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द्वितीय चरण: बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर।
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सिंचित क्षेत्र: 16 लाख हेक्टेयर।
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फसलें: गेहूँ, गन्ना, कपास।
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प्रभाव: पश्चिमी राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों में हरियाली।
(B) चंबल घाटी परियोजना
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संयुक्त परियोजना: राजस्थान–मध्यप्रदेश।
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प्रमुख बाँध:
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गांधी सागर बाँध (MP, 1959)
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राणा प्रताप सागर बाँध (चित्तौड़गढ़, 1960)
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जवाहर सागर बाँध (कोटा, 1972)
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कोटा बैराज (सिंचाई हेतु)।
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उपयोग: सिंचाई + बिजली उत्पादन।
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क्षेत्र: कोटा, बूंदी, सवाई माधोपुर।
(C) माही बजाज सागर परियोजना
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नदी: माही।
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बाँध: बांसवाड़ा (1972)।
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क्षेत्र: बांसवाड़ा, डूंगरपुर, उदयपुर।
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विशेषता: राजस्थान का “हरित त्रिकोण” → कपास, गेहूँ, मक्का।
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राजस्थान का सबसे बड़ा बहुउद्देशीय (Multipurpose) बाँध।
(D) जाखम परियोजना
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नदी: जाखम (चित्तौड़गढ़/प्रतापगढ़)।
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निर्माण: 1986।
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क्षेत्र: प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़।
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फसलें: गेहूँ, चना, मक्का।
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विशेषता: छोटा लेकिन प्रभावी बाँध, स्थानीय कृषि के लिए महत्त्वपूर्ण।
(E) बिसलपुर बाँध परियोजना
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नदी: बनास (टोंक)।
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निर्माण: 1999।
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क्षेत्र: टोंक, अजमेर, सवाई माधोपुर।
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विशेषता: जयपुर शहर का मुख्य पेयजल स्रोत।
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उपयोग: सिंचाई + पेयजल।
(F) अन्य प्रमुख सिंचाई परियोजनाएँ
1. मेज़ परियोजना
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नदी: मेज़ (कोटा)।
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क्षेत्र: कोटा, बूंदी।
2. पंचना परियोजना
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नदी: पंचना (करौली)।
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विशेषता: करौली व भरतपुर क्षेत्र की सिंचाई।
3. सम्पूर्णा सागर बाँध
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जिला: भरतपुर।
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सिंचाई + मछली पालन।
4. सोम-कामला-अम्बा परियोजना
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नदी: सोम (उदयपुर)।
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क्षेत्र: आदिवासी क्षेत्र → डूंगरपुर, बांसवाड़ा।
5. कंठल बाँध
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जिला: झालावाड़।
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स्थानीय कृषि हेतु।
6. रूपारेल परियोजना
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जिला: अलवर।
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उपयोग: सिंचाई + बाढ़ नियंत्रण।
🔹 3. परियोजनाएँ – क्षेत्रवार वर्गीकरण
(A) पश्चिमी राजस्थान
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इंदिरा गांधी नहर (IGNP) → गंगानगर, बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर।
(B) पूर्वी राजस्थान
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चंबल घाटी परियोजना → कोटा, बूंदी, चित्तौड़गढ़।
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बिसलपुर बाँध → टोंक, अजमेर, जयपुर।
(C) दक्षिणी राजस्थान
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माही बजाज सागर → बांसवाड़ा, डूंगरपुर।
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सोम-कामला-अम्बा → उदयपुर।
(D) दक्षिण-पूर्वी राजस्थान
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जाखम परियोजना → प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़।
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कंठल बाँध → झालावाड़।
🔹 4. त्वरित पुनरावृत्ति (Quick Revision Table)
| परियोजना | नदी | जिला/क्षेत्र | उपयोग/विशेषता |
|---|---|---|---|
| इंदिरा गांधी नहर | सतलुज (हरिके बैराज) | गंगानगर, बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर | “राजस्थान की जीवन रेखा” |
| चंबल घाटी | चंबल | कोटा, बूंदी, चित्तौड़गढ़ | सिंचाई + बिजली उत्पादन |
| माही बजाज सागर | माही | बांसवाड़ा, डूंगरपुर | “हरित त्रिकोण”, सबसे बड़ा Multipurpose बाँध |
| जाखम | जाखम | प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़ | स्थानीय कृषि हेतु |
| बिसलपुर | बनास | टोंक, अजमेर, जयपुर | जयपुर पेयजल आपूर्ति |
| पंचना | पंचना | करौली | सिंचाई |
| सम्पूर्णा सागर | तालाब | भरतपुर | सिंचाई + मछली पालन |
| सोम-कामला-अम्बा | सोम | उदयपुर | आदिवासी क्षेत्र सिंचाई |
| कंठल बाँध | – | झालावाड़ | स्थानीय सिंचाई |
| रूपारेल | रूपारेल | अलवर | सिंचाई + बाढ़ नियंत्रण |


