गरीबी-बेरोज़गारी (प्रकार, कारण, उपाय)


1. गरीबी (Poverty)

(क) परिभाषा

गरीबी वह स्थिति है जब व्यक्ति अपनी मूलभूत आवश्यकताओं (भोजन, वस्त्र, आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य) की पूर्ति करने में असमर्थ होता है।


(ख) गरीबी के प्रकार

  1. सापेक्ष गरीबी (Relative Poverty)

    • आय/जीवन स्तर समाज के अन्य लोगों की तुलना में बहुत कम।

    • उदाहरण: विकसित देशों में आय असमानता।

  2. संपूर्ण गरीबी (Absolute Poverty)

    • जीवन निर्वाह हेतु न्यूनतम आवश्यकताओं को भी न पूरा कर पाना।

    • विश्व बैंक मानक: $2.15 प्रतिदिन से कम आय।

  3. ग्रामीण गरीबी

    • कृषि पर निर्भर जनसंख्या में आय और साधनों की कमी।

    • जैसे – मानसून पर आधारित किसान।

  4. शहरी गरीबी

    • शहरों की झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले लोग।

  5. आयाम आधारित गरीबी (Multidimensional Poverty)

    • शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, पोषण, बिजली, स्वच्छता, पेयजल आदि तक पहुंच न होना।


(ग) गरीबी के कारण

  1. जनसंख्या वृद्धि – संसाधनों पर दबाव।

  2. शिक्षा का अभाव – कौशल और रोज़गार अवसर कम।

  3. कृषि पर अत्यधिक निर्भरता – कम उत्पादकता।

  4. बेरोज़गारी – आय सृजन में बाधा।

  5. असमान आय वितरण – अमीर-गरीब खाई बढ़ना।

  6. स्वास्थ्य सेवाओं की कमी – कम कार्यक्षमता।

  7. सामाजिक प्रथाएँ – दहेज, अशिक्षा, जातिवाद।


(घ) गरीबी उन्मूलन हेतु उपाय

  • सरकारी योजनाएँ

    • PDS (सार्वजनिक वितरण प्रणाली) – राशन सस्ता।

    • मनरेगा – 100 दिन का रोजगार।

    • प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना

  • शिक्षा व कौशल विकास – स्वरोज़गार को बढ़ावा।

  • स्वास्थ्य योजनाएँ – आयुष्मान भारत।

  • वित्तीय समावेशन – जनधन योजना, DBT।

  • आर्थिक सुधार – MSME, स्टार्टअप इंडिया।


2. बेरोज़गारी (Unemployment)

(क) परिभाषा

जब कार्य करने की इच्छा और क्षमता होते हुए भी व्यक्ति को उपयुक्त कार्य न मिले।


(ख) बेरोज़गारी के प्रकार

  1. खुली बेरोज़गारी (Open Unemployment):

    • पढ़े-लिखे लोग नौकरी न मिलने पर घर बैठे।

  2. अल्प-रोज़गारी (Underemployment):

    • व्यक्ति अपनी योग्यता से कम कार्य कर रहा है।

    • उदाहरण: इंजीनियर रिक्शा चलाए।

  3. मौसमी बेरोज़गारी (Seasonal):

    • केवल मौसम विशेष में रोजगार।

    • जैसे – बुआई/कटाई समय ही काम।

  4. छिपी बेरोज़गारी (Disguised):

    • उत्पादन में योगदान न करने वाले श्रमिक।

    • जैसे – खेत में 5 लोग जरूरी पर 10 काम कर रहे हैं।

  5. संरचनात्मक बेरोज़गारी (Structural):

    • कौशल और रोजगार बाजार की मांग में असंगति।

  6. तकनीकी बेरोज़गारी (Technological):

    • मशीनों से मानव श्रम का विस्थापन।

  7. चक्रीय बेरोज़गारी (Cyclical):

    • मंदी-तेज़ी के चक्र के कारण।

  8. शहरी बेरोज़गारी:

    • शहरों में नौकरी की कमी, खासकर पढ़े-लिखे युवाओं में।


(ग) बेरोज़गारी के कारण

  • तेजी से बढ़ती जनसंख्या

  • कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था

  • पूंजी और औद्योगिक विकास की कमी

  • शिक्षा प्रणाली में व्यावसायिकता का अभाव

  • तकनीकी प्रगति से श्रमिकों का विस्थापन

  • महिलाओं की कम भागीदारी


(घ) बेरोज़गारी निवारण के उपाय

  • रोजगारोन्मुख शिक्षा

  • कौशल विकास मिशन

  • स्वरोज़गार प्रोत्साहन – मुद्रा योजना, स्टार्टअप इंडिया

  • MSME और श्रम-प्रधान उद्योगों को बढ़ावा

  • ग्रामीण विकास – सड़क, बिजली, सिंचाई

  • जनसंख्या नियंत्रण

  • तकनीकी प्रशिक्षण और उद्यमिता विकास


3. गरीबी और बेरोज़गारी का परस्पर संबंध

  • बेरोज़गारी आय को घटाती है → गरीबी बढ़ाती है।

  • गरीबी से शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल का अभाव होता है → बेरोज़गारी बढ़ती है।

  • दोनों समस्याएँ एक-दूसरे को पोषित करती हैं


4. सरकारी कार्यक्रम (विशेष)

  • गरीबी उन्मूलन

    • IRDP, TRYSEM, NREP, JRY, SGSY, NRLM, PDS, BPL कार्ड

  • बेरोज़गारी निवारण

    • मनरेगा, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना

    • स्वरोज़गार हेतु मुद्रा योजना


5. तुलना (Comparison)

पहलूगरीबीबेरोज़गारी
परिभाषान्यूनतम आवश्यकताओं की पूर्ति न होनाकाम करने की क्षमता के बावजूद काम न मिलना
मापदंडआय, उपभोग, शिक्षा, स्वास्थ्यकार्यबल, रोजगार दर, LFPR
मुख्य प्रकारसापेक्ष, पूर्ण, बहुआयामीखुली, छिपी, मौसमी, अल्प
कारणआय असमानता, बेरोज़गारी, जनसंख्या वृद्धिजनसंख्या वृद्धि, कौशल कमी, पूंजी अभाव
उपायसामाजिक सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य योजनाएँकौशल विकास, औद्योगिकीकरण, MSME

6. उदाहरण (Example)

  • ग्रामीण राजस्थान:

    • परिवार के 10 लोग खेती में लगे हैं, पर उत्पादन वही → छिपी बेरोज़गारी + गरीबी।

  • शहरी झुग्गी:

    • शिक्षा व रोजगार न मिलने से श्रमिक दिहाड़ी मजदूरी करते हैं → शहरी गरीबी।


7. त्वरित पुनरावृत्ति (Revision)

  • गरीबी: सापेक्ष व पूर्ण → कारण: जनसंख्या, बेरोज़गारी, शिक्षा का अभाव।

  • बेरोज़गारी: खुली, छिपी, मौसमी, अल्प, तकनीकी।

  • उपाय: शिक्षा, कौशल, MSME, रोजगार योजनाएँ।

  • दोनों एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हैं।

 
MCQ QUIZ START

#1. IRDP योजना कब शुरू हुई?

#2. भारत में बेरोज़गारी को मापने का प्रमुख स्रोत कौन है?

#3. बेरोज़गारी के कितने प्रकार माने जाते हैं?

#4. तेंडुलकर समिति गरीबी निर्धारण कब?

#5. मौसमी बेरोज़गारी किस क्षेत्र में पाई जाती है?

#6. शिक्षित बेरोज़गारी का मुख्य कारण क्या है?

#7. रांघराजन समिति कब गठित हुई?

#8. गरीबी के कितने प्रकार माने जाते हैं?

#9. MGNREGA किस वर्ष लागू हुआ?

#10. गरीबी का सबसे प्रमुख कारण क्या है?

#11. गरीबी की रेखा का निर्धारण सबसे पहले किस समिति ने किया?

#12. TRYSEM योजना का उद्देश्य क्या था?

#13. भारत में गरीबी उन्मूलन की पहली योजना कौन-सी थी?

#14. छिपी बेरोज़गारी किस क्षेत्र में पाई जाती है?

#15. गरीबी हटाओ नारा किसने दिया?

#16. सापेक्ष गरीबी का अर्थ है–

#17. पूर्ण गरीबी का अर्थ है–

#18. खुली बेरोज़गारी किस वर्ग में अधिक पाई जाती है?

#19. भारत में गरीबी की परिभाषा किस आधार पर की जाती है?

#20. MGNREGA में कितने दिन का रोजगार गारंटी है?

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