📘 भारतीय संविधान – संविधान सभा, प्रस्तावना, मौलिक अधिकार, निदेशक सिद्धांत, मौलिक कर्तव्य
🔹 1. संविधान सभा (Constituent Assembly)
(A) गठन
-
कैबिनेट मिशन योजना (1946) से गठन।
-
कुल सदस्य: 389
-
प्रांतों से 292
-
रियासतों से 93
-
चीफ कमिश्नरी क्षेत्रों से 4
-
-
स्वतंत्रता के बाद (1947): 299 सदस्य रह गए।
(B) कार्यकाल
-
कार्य अवधि: 2 वर्ष, 11 माह, 18 दिन
-
कुल बैठकें: 11 सत्रों में 166 दिन
-
खर्च: लगभग ₹64 लाख
(C) प्रमुख पदाधिकारी
-
अंतरिम अध्यक्ष: सच्चिदानंद सिन्हा
-
स्थायी अध्यक्ष: डॉ. राजेंद्र प्रसाद
-
ड्राफ्टिंग कमेटी अध्यक्ष: डॉ. भीमराव अंबेडकर
-
उपाध्यक्ष: एच.सी. मुखर्जी
(D) महत्वपूर्ण तिथियाँ
-
संविधान अपनाया: 26 नवम्बर 1949
-
लागू: 26 जनवरी 1950 (गणतंत्र दिवस – 1930 पूर्ण स्वराज्य दिवस की स्मृति में)।
🔹 2. प्रस्तावना (Preamble)
(A) मूल रूप
-
“हम भारत के लोग…”
-
भारत को घोषित किया गया: संप्रभु, लोकतांत्रिक, गणराज्य।
-
उद्देश्य: न्याय, स्वतंत्रता, समानता, बंधुता।
(B) संशोधन
-
42वाँ संशोधन (1976):
-
“समाजवादी”, “पंथनिरपेक्ष” और “अखंडता” जोड़े गए।
-
(C) महत्व
-
संविधान का परिचय-पत्र।
-
न्यायपालिका ने इसे संविधान का मूलभूत ढाँचा (Basic Structure) माना।
🔹 3. मौलिक अधिकार (Fundamental Rights)
(A) अनुच्छेद 12–35
-
प्रारंभिक रूप में 7 अधिकार;
-
44वाँ संशोधन (1978): संपत्ति का अधिकार हटाकर विधिक अधिकार (अनु. 300A) बना।
-
वर्तमान: 6 मौलिक अधिकार।
(B) अधिकारों की सूची
-
समानता का अधिकार (अनु. 14–18)
-
कानून के समक्ष समानता (14)।
-
अस्पृश्यता उन्मूलन (17)।
-
उपाधियों का उन्मूलन (18)।
-
-
स्वतंत्रता का अधिकार (अनु. 19–22)
-
भाषण, सभा, संगठन, आवागमन, निवास, व्यवसाय की स्वतंत्रता (19)।
-
जीवन व व्यक्तिगत स्वतंत्रता (21)।
-
शिक्षा का अधिकार (21A, 86वाँ संशोधन, 2002)।
-
गिरफ्तारी पर सुरक्षा (22)।
-
-
शोषण के विरुद्ध अधिकार (अनु. 23–24)
-
मानव तस्करी व जबरन मजदूरी निषेध (23)।
-
बाल श्रम (14 वर्ष से कम) पर प्रतिबंध (24)।
-
-
धर्म की स्वतंत्रता का अधिकार (अनु. 25–28)
-
धर्म का पालन, प्रचार, संस्थान स्थापित करने की स्वतंत्रता।
-
-
सांस्कृतिक व शैक्षणिक अधिकार (अनु. 29–30)
-
अल्पसंख्यकों को अपनी भाषा, संस्कृति सुरक्षित रखने व संस्थान स्थापित करने का अधिकार।
-
-
संवैधानिक उपचार का अधिकार (अनु. 32)
-
सर्वोच्च/उच्च न्यायालय में जाने का अधिकार।
-
इसे डॉ. अंबेडकर ने “संविधान की आत्मा” कहा।
-
🔹 4. राज्य के नीति निदेशक तत्व (Directive Principles of State Policy – DPSP)
(A) अनुच्छेद 36–51
-
प्रेरणा: आयरलैंड।
-
उद्देश्य: कल्याणकारी राज्य की स्थापना।
-
न्यायालय में प्रवर्तनीय नहीं।
(B) वर्गीकरण
-
सामाजिकवादी सिद्धांत:
-
समान वेतन, बेरोजगारी निवारण, शिक्षा, स्वास्थ्य।
-
-
गांधीवादी सिद्धांत:
-
ग्राम पंचायत, खादी, गौ-रक्षा।
-
-
उदारवादी सिद्धांत:
-
अंतर्राष्ट्रीय शांति, न्यायपालिका की स्वतंत्रता।
-
(C) उदाहरण
-
समान नागरिक संहिता (अनु. 44)।
-
पर्यावरण संरक्षण (अनु. 48A)।
🔹 5. मौलिक कर्तव्य (Fundamental Duties)
(A) अनुच्छेद 51A
-
42वाँ संशोधन (1976): 10 कर्तव्य।
-
86वाँ संशोधन (2002): 11वाँ कर्तव्य (शिक्षा देना)।
(B) कर्तव्यों की सूची
-
संविधान, ध्वज, राष्ट्रगान का सम्मान।
-
स्वतंत्रता व अखंडता की रक्षा।
-
साम्प्रदायिक सद्भाव।
-
प्राकृतिक पर्यावरण की रक्षा।
-
वैज्ञानिक दृष्टिकोण व सुधार भावना।
-
सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा।
-
बच्चों को शिक्षा देना (2002 से)।
🔹 6. त्वरित पुनरावृत्ति तालिका
| विषय | अनुच्छेद | मुख्य बिंदु |
|---|---|---|
| संविधान सभा | – | गठन 1946, अध्यक्ष – डॉ. राजेंद्र प्रसाद |
| प्रस्तावना | – | 42वें संशोधन से “समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, अखंडता” |
| मौलिक अधिकार | 12–35 | 6 अधिकार; अनु. 32 – संविधान की आत्मा |
| DPSP | 36–51 | आयरलैंड से प्रेरित; अनु. 44 – समान नागरिक संहिता |
| मौलिक कर्तव्य | 51A | 10 (1976) + 1 (2002) = 11 |


