शेयर बाजार, राजकोषीय व मौद्रिक नीतियाँ, सब्सिडी, PDS, ई-कॉमर्स, मुद्रास्फीति
1. शेयर बाजार (Share Market / Stock Market)
🔹 परिभाषा
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शेयर बाजार वह संस्थागत व्यवस्था है जहाँ कंपनियों के शेयर, बॉन्ड, डिबेंचर व प्रतिभूतियाँ खरीदी-बेची जाती हैं।
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उद्देश्य:
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कंपनियों को पूंजी जुटाने का अवसर।
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निवेशकों को लाभांश व पूंजीगत लाभ।
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🔹 भारत में प्रमुख शेयर बाजार
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BSE (Bombay Stock Exchange, 1875)
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एशिया का सबसे पुराना।
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प्रमुख सूचकांक: Sensex (30 कंपनियों पर आधारित)।
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NSE (National Stock Exchange, 1992)
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आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग की सुविधा।
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प्रमुख सूचकांक: Nifty 50।
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🔹 नियामक संस्था
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SEBI (Securities and Exchange Board of India, 1992)
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निवेशकों की सुरक्षा।
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बाजार में पारदर्शिता।
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इनसाइडर ट्रेडिंग पर रोक।
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🔹 कार्य
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पूंजी निर्माण।
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तरलता (Liquidity) उपलब्ध कराना।
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निवेशकों के लिए बचत का साधन।
2. राजकोषीय नीति (Fiscal Policy)
🔹 परिभाषा
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सरकार द्वारा कराधान (Taxation) और सार्वजनिक व्यय से अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने की नीति।
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निर्माता: केंद्रीय वित्त मंत्रालय।
🔹 उद्देश्य
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आर्थिक स्थिरता।
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गरीबी उन्मूलन व आय का समान वितरण।
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रोजगार सृजन।
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विकास योजनाओं हेतु संसाधन जुटाना।
🔹 साधन
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कर नीति – प्रत्यक्ष (आयकर, कॉर्पोरेट टैक्स) और अप्रत्यक्ष कर (GST)।
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सार्वजनिक व्यय – विकासात्मक (शिक्षा, स्वास्थ्य) और गैर-विकासात्मक (रक्षा, ब्याज)।
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सार्वजनिक ऋण – आंतरिक (भारत से उधारी), बाहरी (विदेश से उधारी)।
🔹 प्रकार
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विस्तारवादी राजकोषीय नीति – मंदी में व्यय बढ़ाना, कर घटाना।
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संकीर्ण राजकोषीय नीति – मुद्रास्फीति रोकने हेतु व्यय घटाना, कर बढ़ाना।
3. मौद्रिक नीति (Monetary Policy)
🔹 परिभाषा
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RBI द्वारा मुद्रा व ऋण की आपूर्ति और ब्याज दर नियंत्रित करने की नीति।
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निर्माता: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI)।
🔹 उद्देश्य
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मुद्रास्फीति नियंत्रण।
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आर्थिक स्थिरता।
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निवेश व विकास प्रोत्साहन।
🔹 उपकरण
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परिमाणात्मक साधन (Quantitative Tools)
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CRR (Cash Reserve Ratio) – बैंकों को RBI के पास रखने वाली नकदी।
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SLR (Statutory Liquidity Ratio) – बैंकों को अपनी जमा का प्रतिशत सरकार की प्रतिभूतियों में रखना।
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Repo Rate – RBI द्वारा बैंकों को ऋण देने की दर।
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Reverse Repo Rate – RBI द्वारा बैंकों से उधार लेने की दर।
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OMO (Open Market Operations) – RBI द्वारा सरकारी प्रतिभूतियों की खरीद-बिक्री।
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गुणात्मक साधन (Qualitative Tools)
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ऋण पर नियंत्रण।
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ऋण का दिशा-निर्देशन (कृषि/उद्योग को प्राथमिकता)।
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🔹 प्रकार
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विस्तारवादी मौद्रिक नीति – ऋण सस्ता, निवेश बढ़े।
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संकीर्ण मौद्रिक नीति – ऋण महँगा, मुद्रास्फीति घटे।
4. सब्सिडी (Subsidy)
🔹 परिभाषा
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सरकार द्वारा किसी वस्तु/सेवा पर दी गई आर्थिक सहायता जिससे उसकी कीमत कम हो जाए।
🔹 उद्देश्य
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गरीब वर्ग को सस्ती वस्तुएँ उपलब्ध कराना।
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उत्पादन को प्रोत्साहन।
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समाज के कमजोर वर्ग की मदद।
🔹 प्रमुख प्रकार
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खाद्य सब्सिडी – PDS के अंतर्गत।
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उर्वरक सब्सिडी – किसानों के लिए।
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ऊर्जा सब्सिडी – बिजली व पेट्रोलियम।
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LPG सब्सिडी – उज्ज्वला योजना के तहत।
🔹 विवाद
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सब्सिडी से सरकार का राजकोषीय भार बढ़ता है।
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लीक व भ्रष्टाचार की समस्या।
5. PDS (Public Distribution System)
🔹 परिभाषा
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सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) – गरीब वर्ग को नियंत्रित मूल्य पर खाद्यान्न व अन्य आवश्यक वस्तुएँ उपलब्ध कराने की सरकारी व्यवस्था।
🔹 कानूनी आधार
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राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA), 2013।
🔹 संरचना
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फेयर प्राइस शॉप (FPS) → राशन कार्ड धारकों को अनाज वितरण।
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केंद्र सरकार → खाद्य निगम (FCI) द्वारा अनाज संग्रहण।
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राज्य सरकार → वितरण।
🔹 सुधार
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ई-PDS पोर्टल (राजस्थान)।
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वन नेशन वन राशन कार्ड योजना।
6. ई-कॉमर्स (E-Commerce)
🔹 परिभाषा
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इंटरनेट आधारित खरीद–फरोख्त की व्यवस्था।
🔹 प्रकार
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B2B (Business to Business) – कंपनियों के बीच।
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B2C (Business to Consumer) – ग्राहक तक।
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C2C (Consumer to Consumer) – जैसे OLX, Quikr।
🔹 प्रमुख कंपनियाँ
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Amazon, Flipkart, Meesho, Myntra।
🔹 लाभ
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समय व लागत की बचत।
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वैश्विक बाजार तक पहुँच।
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डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा।
🔹 चुनौतियाँ
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साइबर सुरक्षा खतरे।
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स्थानीय व्यापारियों पर असर।
7. मुद्रास्फीति (Inflation)
🔹 परिभाषा
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वस्तुओं व सेवाओं की सामान्य मूल्य स्तर में निरंतर वृद्धि।
🔹 प्रकार
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मांग-खींच (Demand Pull Inflation) – मांग बढ़ने से कीमतें बढ़ना।
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लागत-धक्का (Cost Push Inflation) – उत्पादन लागत बढ़ने से कीमतें बढ़ना।
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ठहरावजन्य (Stagflation) – उच्च मुद्रास्फीति + बेरोजगारी।
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Deflation – मूल्य स्तर में गिरावट।
🔹 मापन
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WPI (Wholesale Price Index) – थोक मूल्य सूचकांक।
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CPI (Consumer Price Index) – उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (RBI CPI आधारित मुद्रास्फीति देखता है)।
🔹 प्रभाव
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क्रय शक्ति में कमी।
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गरीब वर्ग पर सबसे नकारात्मक असर।
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निवेश व उत्पादन पर मिश्रित असर।
📊 तुलनात्मक सारणी
| विषय | परिभाषा | प्रमुख संस्थाएँ/सूचकांक | उद्देश्य |
|---|---|---|---|
| शेयर बाजार | पूंजी जुटाने का प्लेटफार्म | BSE, NSE, SEBI, Sensex, Nifty | निवेश, पूंजी निर्माण |
| राजकोषीय नीति | कर व व्यय नीति | वित्त मंत्रालय | आय वितरण, स्थिरता |
| मौद्रिक नीति | मुद्रा व ब्याज नीति | RBI, MPC | मुद्रास्फीति नियंत्रण |
| सब्सिडी | वस्तुओं पर सरकारी सहायता | PDS, DBT, उर्वरक, LPG | गरीबों को सस्ती वस्तुएँ |
| PDS | गरीबों हेतु अनाज वितरण | NFSA, FCI, FPS | खाद्य सुरक्षा |
| ई-कॉमर्स | ऑनलाइन व्यापार | Amazon, Flipkart | डिजिटल अर्थव्यवस्था |
| मुद्रास्फीति | मूल्य स्तर में वृद्धि | WPI, CPI | मूल्य स्थिरता |
🔑 Quick Revision
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शेयर बाजार = BSE/NSE, SEBI नियामक
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राजकोषीय नीति = कर+व्यय, सरकार बनाती है
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मौद्रिक नीति = RBI बनाता है, उपकरण = Repo, CRR, SLR
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सब्सिडी = सस्ती वस्तुएँ देने हेतु सरकारी सहायता
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PDS = गरीबों के लिए NFSA 2013 के तहत राशन
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ई-कॉमर्स = ऑनलाइन व्यापार
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मुद्रास्फीति = CPI/WPI से मापन, मांग या लागत कारण


