📘 भारतीय संविधान – लोकतंत्र, राज्यों का पुनर्गठन, राजनीतिक दल, राष्ट्रीय एकीकरण
🔹 1. लोकतंत्र (Democracy)
(A) परिभाषा व स्वरूप
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लोकतंत्र = “जनता का, जनता के लिए, जनता द्वारा शासन”।
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भारत में संसदीय लोकतंत्र (Parliamentary Democracy) – अनु. 326 के अंतर्गत सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार।
(B) लोकतंत्र की विशेषताएँ
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सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार (21 से घटाकर 18 वर्ष, 61वाँ संशोधन 1989)।
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स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव – अनु. 324 (चुनाव आयोग)।
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बहुदलीय प्रणाली।
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मौलिक अधिकार और स्वतंत्र न्यायपालिका।
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संसद की सर्वोच्चता लेकिन संविधान की मर्यादा।
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सत्ता का विकेंद्रीकरण – पंचायत/नगरपालिका।
(C) चुनौतियाँ
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जातिवाद, धनबल व बाहुबल का प्रयोग।
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दलबदल व भ्रष्टाचार।
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राजनीतिक अपराधीकरण।
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क्षेत्रीय असमानता और गरीबी।
🔹 2. राज्यों का पुनर्गठन (Reorganization of States)
(A) पृष्ठभूमि
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स्वतंत्रता के बाद राज्य प्रशासनिक सुविधा पर आधारित थे।
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आंध्र प्रदेश (1953) – पोट्टि श्रीरामलु के बलिदान से पहला भाषाई राज्य।
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राज्यों का पुनर्गठन आयोग (SRC) – 1953
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अध्यक्ष: फ़ज़ल अली।
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सदस्य: के.एम. पनिक्कर, एच.एन. कुंजरु।
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(B) 1956 का पुनर्गठन अधिनियम
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भाषाई आधार पर राज्यों का गठन।
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14 राज्य व 6 केंद्र शासित प्रदेश।
(C) बाद के पुनर्गठन
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1960 – बंबई से गुजरात व महाराष्ट्र।
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1966 – पंजाब से हरियाणा, चंडीगढ़ केंद्र शासित।
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1971 – मणिपुर, त्रिपुरा, मेघालय।
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1987 – मिज़ोरम, अरुणाचल, गोवा।
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2000 – झारखंड, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़।
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2014 – तेलंगाना।
(D) अनुच्छेद 3
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संसद को अधिकार: किसी राज्य की सीमा, नाम, क्षेत्र बदल सकती है।
🔹 3. राजनीतिक दल (Political Parties)
(A) भारत की दल प्रणाली
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बहुदलीय प्रणाली।
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निर्वाचन आयोग – पंजीकरण और मान्यता।
(B) दलों के प्रकार
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राष्ट्रीय दल (National Party):
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कम से कम 4 राज्यों में 6% मत + 2% सीटें लोकसभा में।
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उदाहरण: कांग्रेस, भाजपा, CPI, CPI(M), BSP, NCP, TMC।
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राज्य दल (State Party):
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संबंधित राज्य में 6% मत + 2 सीटें विधानसभा में।
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(C) दल-बदल विरोधी कानून
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52वाँ संशोधन (1985) – 10वीं अनुसूची, दलबदल पर अयोग्यता।
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91वाँ संशोधन (2003) – मंत्रिपरिषद की अधिकतम संख्या = लोकसभा का 15%।
🔹 4. राष्ट्रीय एकीकरण (National Integration)
(A) परिभाषा
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विभिन्न जाति, धर्म, भाषा, क्षेत्र के लोगों को एक सूत्र में बाँधना।
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Unity in Diversity – भारत का मूल मंत्र।
(B) संवैधानिक प्रावधान
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समानता का अधिकार (अनु. 14–18)।
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स्वतंत्रता का अधिकार (अनु. 19)।
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धर्म की स्वतंत्रता (अनु. 25–28)।
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अल्पसंख्यक अधिकार (अनु. 29–30)।
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मातृभाषा में शिक्षा (अनु. 350A)।
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हिंदी के विकास का निर्देश (अनु. 351)।
(C) संस्थाएँ व प्रयास
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राष्ट्रीय एकीकरण परिषद (1961) – प्रधानमंत्री अध्यक्ष।
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पंचायती राज और स्थानीय निकाय।
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आरक्षण नीति व विशेष अवसर।
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शिक्षा और सामाजिक न्याय योजनाएँ।
(D) चुनौतियाँ
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क्षेत्रवाद, भाषावाद, जातिवाद, साम्प्रदायिकता।
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नक्सलवाद और आतंकवाद।
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आर्थिक असमानता।
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राजनीतिक अस्थिरता।
🔹 5. त्वरित पुनरावृत्ति तालिका
| विषय | प्रमुख तथ्य | अनुच्छेद/संशोधन |
|---|---|---|
| लोकतंत्र | संसदीय प्रणाली, सार्वभौमिक मताधिकार | अनु. 326, 61वाँ संशोधन |
| राज्यों का पुनर्गठन | SRC 1953, अधिनियम 1956 | अनु. 3 |
| राष्ट्रीय दल | 4 राज्यों में 6% वोट + 2% सीटें | EC मानदंड |
| दलबदल कानून | 52वाँ (1985), 91वाँ (2003) | 10वीं अनुसूची |
| राष्ट्रीय एकीकरण | समानता, धार्मिक स्वतंत्रता, शिक्षा, हिंदी | अनु. 14–30, 350A, 351 |


