📘 राजस्थान की प्रशासनिक व राजनीतिक व्यवस्था – Short Notes
🔹 1. राज्यपाल
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अनुच्छेद 153: प्रत्येक राज्य में एक राज्यपाल होगा।
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नियुक्ति: राष्ट्रपति द्वारा, कार्यकाल 5 वर्ष।
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भूमिका: राज्य का संवैधानिक प्रमुख, मुख्यमंत्री की नियुक्ति, विधानसभा भंग/स्थगित करना, अध्यादेश जारी करना।
🔹 2. मुख्यमंत्री
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राज्य की वास्तविक कार्यपालिका का प्रमुख।
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नियुक्ति: राज्यपाल द्वारा, आमतौर पर बहुमत दल का नेता।
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विधानसभा के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी।
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नीतियाँ लागू करना, प्रशासन चलाना।
🔹 3. विधानसभा
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राजस्थान = एकसदनीय विधानमंडल।
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कुल सदस्य: 200।
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कार्यकाल: 5 वर्ष।
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कार्य: कानून निर्माण, बजट पारित करना, कार्यपालिका पर नियंत्रण।
🔹 4. उच्च न्यायालय (High Court)
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स्थापना: 1949 (राजस्थान उच्च न्यायालय अधिनियम)।
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मुख्यालय: जोधपुर, खंडपीठ: जयपुर।
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नियुक्ति: राष्ट्रपति द्वारा।
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कार्य: संविधान व कानून की रक्षा, न्यायिक पुनरीक्षण, मौलिक अधिकारों की रक्षा।
🔹 5. राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC)
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अनुच्छेद 315–323 के अंतर्गत।
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मुख्यालय: अजमेर।
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कार्य: राज्य सेवाओं की भर्ती, प्रमोशन व विभागीय परीक्षाएँ।
🔹 6. जिला प्रशासन
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जिला कलेक्टर (District Collector) = जिले का प्रशासनिक प्रमुख।
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जिम्मेदारी: कानून व्यवस्था, राजस्व, चुनाव कार्य, विकास कार्य।
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पुलिस अधीक्षक (SP) = जिले का पुलिस प्रमुख।
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स्थापना: 1999 (मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम 1993 के अंतर्गत)।
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अध्यक्ष: राजस्थान उच्च न्यायालय का पूर्व मुख्य न्यायाधीश।
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कार्य: मानवाधिकार उल्लंघनों की जांच और सिफारिश।
🔹 8. राज्य लोकायुक्त
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स्थापना: 1973।
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अध्यक्ष: राजस्थान उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश।
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कार्य: भ्रष्टाचार की शिकायतों की जांच, लोक सेवकों की जवाबदेही।
🔹 9. राज्य निर्वाचन आयोग
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स्थापना: 1994।
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कार्य: पंचायत एवं नगर निकाय चुनाव कराना।
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स्वतंत्र संवैधानिक निकाय (अनु. 243K)।
🔹 10. राज्य सूचना आयोग
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सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत।
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कार्य: सूचना उपलब्ध कराना, अपीलों का निपटारा।
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अध्यक्ष + सूचना आयुक्त।
🔹 11. महिला-बाल अपराध एवं विधिक प्रावधान
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घरेलू हिंसा अधिनियम, 2005।
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बाल अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम, 2005।
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बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006।
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POCSO Act, 2012 (बाल यौन अपराध संरक्षण)।
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महिला अत्याचार निवारण प्रकोष्ठ व हेल्पलाइन 181।