राजस्थान का इतिहास, कला, संस्कृति, साहित्य, परम्परा एवं विरासत
1. प्रमुख राजवंश, प्रशासन एवं राजस्व व्यवस्था
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गुर्जर–प्रतिहार वंश
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चौहान वंश (अजमेर, दिल्ली)
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सिसोदिया वंश (मेवाड़)
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राठौड़ वंश (मारवाड़/जोधपुर)
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कच्छवाहा वंश (आमेर/जयपुर)
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भाटी वंश (जैसलमेर)
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अन्य वंश (तोमर, परमार, डूंगरपुर–बांसवाड़ा शासक)
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प्रशासनिक व्यवस्था (राजा, दरबार, मंत्रिपरिषद, सैन्य संगठन)
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राजस्व व्यवस्था (भूमि कर प्रणाली, जागीर प्रथा, सामंती व्यवस्था)
📌 और भी:
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सामंतवाद की विशेषताएँ
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भील व मीणा सरदारों की भूमिका
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रियासतों में कराधान की विविध पद्धतियाँ
2. स्वतंत्रता आंदोलन, राजनीतिक जागरण व एकीकरण
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प्रारंभिक राष्ट्रीय चेतना
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प्रजामंडल आंदोलन
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किसान आंदोलन (बिजोलिया, बगरू, बेगार प्रथा विरोध)
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आदिवासी आंदोलन (भील, मीणा)
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शिक्षा व सामाजिक सुधार आंदोलन
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प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी (अर्जुनलाल सेठी, विजय सिंह पथिक, माणिक्यलाल वर्मा, हरिभाऊ उपाध्याय)
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राजस्थान का एकीकरण (1948–1956 के 9 चरण)
📌 और भी:
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राजस्थान में कांग्रेस संगठन की भूमिका
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महिला स्वतंत्रता सेनानियों का योगदान (गुलाब देवी, कमला देवी)
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पत्रकारिता व समाचार पत्रों का योगदान (राजस्थान केसरी, नवजीवन)
3. स्थापत्य कला (किले, दुर्ग, स्मारक)
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किले: चित्तौड़गढ़, कुम्भलगढ़, रणथम्भौर, जैसलमेर, जालौर
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महल: उम्मेद भवन, हवामहल, सिटी पैलेस, आमेर महल
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मंदिर: दिलवाड़ा, रणकपुर, ओसियां, एकलिंगजी
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स्तम्भ: विजय स्तम्भ, कीर्ति स्तम्भ
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बावड़ी व जलस्रोत स्थापत्य
📌 और भी:
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शेखावाटी की हवेलियाँ और भित्तिचित्र
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ब्राह्मण व जैन स्थापत्य की विशेषताएँ
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यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल (जैसलमेर, चित्तौड़, कुम्भलगढ़, रणथम्भौर, गागरोन, आमेर, जैसलमेर)
4. कला, चित्रकला व हस्तशिल्प
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राजस्थानी चित्रकला शैलियाँ: मारवाड़, मेवाड़, बूंदी, कोटा, किशनगढ़
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भित्ति चित्र व लघु चित्रकला
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हस्तशिल्प: नीली पॉटरी, जरी-जरदोज़ी, टेराकोटा, लकड़ी नक्काशी, पत्थर नक्काशी
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लोक कला: कठपुतली, मांडना, फड़ चित्रकला
📌 और भी:
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जैसलमेर की पत्थर नक्काशी की विशेषता
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बगरू व सांगानेर की छपाई
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बासंसी व पाली की कढ़ाई कला
5. राजस्थानी साहित्य, स्थानीय बोलियाँ
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प्राचीन साहित्य: बीसलदेव रासो, पृथ्वीराज रासो
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संत साहित्य: मीरा, दादूदयाल, ईसरदास, पीपा
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आधुनिक साहित्य: कन्हैयालाल सेठिया, विजयदान देथा
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बोलियाँ: मारवाड़ी, मेवाड़ी, ढूंढाड़ी, हाड़ौती, शेखावटी, मेवाती
📌 और भी:
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डिंगल व पिंगल साहित्य
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चारण और भाट परंपरा
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राजस्थानी भाषा आंदोलन (20वीं सदी)
6. मेले-त्योहार, लोकसंगीत, लोकनृत्य
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धार्मिक मेले: पुष्कर, रामदेवरा, खाटूश्यामजी
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पशु मेले: नागौर, कोलायत (कपिल मुनि)
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लोकगीत: मांड, पनिहारी, झूलना गीत
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लोकनृत्य: घूमर, कालबेलिया, चकरी, गेर, तेरहताली
📌 और भी:
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बांदी कुंवर जी मेला
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मोती डूंगरी गणेश उत्सव
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जनजातीय मेले (डूंगरपुर, बांसवाड़ा)
7. धार्मिक आन्दोलन, संत व लोकदेवता
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संत परंपरा: दादूदयाल, मीरा, पीपा, ईसरदास
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लोकदेवता: पाबूजी, तेजाजी, गोगाजी, रामदेवजी
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धार्मिक सम्प्रदाय: नाथ, वैष्णव, जैन
📌 और भी:
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जैन धर्म का प्रभाव (दिलवाड़ा, रणकपुर)
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सूफी संतों की दरगाहें (अजमेर शरीफ)
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आर्य समाज व रामस्नेही सम्प्रदाय
8. प्रमुख पर्यटन स्थल
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जयपुर: आमेर, हवामहल, जंतर-मंतर
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उदयपुर: पिछोला, फतेहसागर, सिटी पैलेस
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जोधपुर: मेहरानगढ़, उम्मेद भवन
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जैसलमेर: सोनार किला, हवेलियाँ
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अजमेर: दरगाह, पुष्कर झील
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माउंट आबू: दिलवाड़ा मंदिर
📌 और भी:
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सरिस्का व रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान
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केवलादेव घना पक्षी विहार (भरतपुर)
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जैव विविधता पर्यटन (डेजर्ट नेशनल पार्क, टोडगढ़)
9. राजस्थान के प्रमुख व्यक्तित्व
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शासक: महाराणा प्रताप, राव जोधा, सवाई जयसिंह द्वितीय
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साहित्यकार: चंदबरदाई, मीरा, कन्हैयालाल सेठिया, विजयदान देथा
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स्वतंत्रता सेनानी: विजय सिंह पथिक, अर्जुनलाल सेठी, माणिक्यलाल वर्मा
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समाज सुधारक: हरिभाऊ उपाध्याय, दामोदर लाल व्यास
📌 और भी:
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संगीत व नृत्य जगत: अल्ला जैलसिंह, बंकिमचंद्र बावड़ी
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महिला योगदान: हाडा रानी, करणी माता
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आधुनिक राजनेता: मोहनलाल सुखाड़िया, भैरोंसिंह शेखावत